Tuesday, 26 February 2019

जयसिंह आशावत ने नानूराम संस्कर्ता साहित्य सम्मान

जयसिंह आशावत ने नानूराम संस्कर्ता साहित्य सम्मान
लूनकरनसर। 
साहित्य अकादमी राजस्थानी परामर्श मंडल रा संयोजक
 वरिष्ठ कवि-कहानीकार मधु आचार्य "आशावादी" कहयो क
 मायड़ राजस्थानी भाषा रै संरक्षण सूं राजस्थानी संस्कृति
 बच सकेला।
वे अदितवार ने कालू कस्बे रा जगदम्बा यात्री घर में
 नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान समारोह
 मे बोले हा। समारोह में नैनवां, बूंदी रा कवि जयसिंह
आशावत ने उपन्यास 'अब पाती कांई लिखा' पर नानूराम
संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान दियो गयो। 
कार्यक्रम रा मुख्य अतिथि जोधपुर रा अतिरिक्त
जिला कलक्टर  वरिष्ठ कवि  विजयसिंह नाहटा बोल्या
 क संस्कर्ता आधुनिक कहानी री शुरुआत करण रौ जस
 जोगो काम करयो।विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ कवि आलोचक
 डॉ. नीरज दइया, बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा,
डॉ. मदन गोपाल लढ़ा,युवा कवि राजूराम बिजारणियां
बिचार व्यक्त करया।बाल साहित्यकार रामजीलाल घोड़ेला
 स्वागत करया।हनुमानगढ़ री युवा बाल साहितकार
मानसी शर्मा रा बाल कहानी संग्रह "च्युइंग गम" रौ
विमोचन करयो गयो। कवि गोष्ठी में  विजयसिंह नाहटा
, डॉ. नीरज दइया,  दीनदयाल शर्मा, जगदीश नाथ भादू,
 राजूराम बिजारणिया, रामजीलाल घोड़ेला, कमल किशोर पिंपलवा,
 मदन गोपाल लढ़ा, गोविंद शर्मा  कविता पाठ करया।
इण टांणे शिक्षाविद मोटाराम चौधरी, रामकुमार सारस्वत,
 दुर्गाराम पड़िहार, मनोज कुमार, दुष्यंत जोशी, सुशील संस्कर्ता,
 प्रकाशदान चारण, कैलाश शर्मा,जगदीश प्रसाद सोनी, जंवरीमल बोथरा,
 सुरेश डूढाणी, पेमाराम डोगीवाल, सुभाष डूढाणी, बाबूलाल लेघा,
 जगदीश प्रसाद सोनी, संतदास स्वामी, शिवलाल राघानी आद मौजूद हा।


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