Friday, 2 November 2018

ईसरा-परमेसरा

रंग राजस्थानी हरि रस
रहंसिय बालि स किसकँध-राय,किधौ जद मीत सुग्रीव सकाय।
उपाङ बँधाङ समंदर ओङ,कपी सम नील जके दु-करोङ।।40।।

कवि अर्थावे क
दोनो के आपस में लङने पर आपने बालि को मार दिया और किष्किंधा का राजा सुग्रीव को बना दिया । इधर सुग्रीव नें नल और नील जैसे कला - विशारदों की देख-रेख में दो करोङ शिल्पी वानरों को समुद्र की तट रेखा को ऊंचा उठाकर बाँधने के लिए प्रवर्त कर दिया।
---प्रस्तुति सवाई सिंह महिया

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