Friday, 26 October 2018

मरुधर रा गौरव अर माटी री सौरम महकाती राजस्थानी कविता

म्हारा धोरां वाळा देस
 
थारी ओळ्यूँ घणी आवै,म्हारा धोरां वाळा देस।
धोरा वाळा देस ओ,म्हारा नखराळा  देस।।
अन-धन स्यूँ भरया आँगणां,भींत मण्ड्या चितराम।
पोळी पोळी इमरत बरतो, हेत पळै सुख धाम।।म्हारा...
दूध,चूंटियो, छाछ,राबड़ी ब बाट्याँ  बा  दाळ ।
घी डूबी बाजर री रोट्याँ, बै काँसी रा थाळ।।म्हारा...
साँगर,टींडा,बड़ी,मतीरी फळी-फोफळ्या साग।
देळी आवै,भोग लगावै, देव  सरावै भाग।।म्हारा...
नैण बस्या बै टीबा ऊँचा, चिलकै सोनल रेत ।
सीटा, काचर,बोर ,मतीरा,हरया -भरया बै खेत।।म्हारा...
रोई रो सिंणगार-खींप,जाँट्याँ ,झाड़्याँ अर फोग।
खोखो ,मेवो मरुभोम रो,कह्व  बडेरा  लोग।।म्हारा...
गळै बाजती घण्ट्याँ प्यारी,फिरै  गोधुळी ढ़ोर।
लीलटाँस,कुरजा ,कम्मेड़ी,छतरी ताण्याँ मोर ।।म्हारा...
बै पणघट बै कूँआ - बावड़ी,बै सारण बा लाव।
बै जोड़ा,जोड़ाँ री बुँगल्याँ,बै ढाण्याँ बै गाँव।।म्हारा...
तीज त्यूँहाराँ गळ्याँ - गळ्याँ,गूँजै मनभावण गीत।
मेळै - खेळै फळै घणेरी,अपणायत री रीत।।म्हारा...
जैपर ,जोधाणो ,बीकाणो,आबू ,गढ़ आमेर ।
कीरत खामो खड़्यो चितोड़ाँ,सांगो सांगानेर।।म्हारा...
लोहार, पुष्कर, कोलायत, गळता जी  सिरमोर ।
सालासर हड़मान बिराजै,गणपत  रणथम्भोर ।।म्हारा...
रूणींचै रो राम - देवरो, झूँझण दादी धाम।
डूँगर वाळी जींवणमाता,खाटू बाबो स्याम।।म्हारा...
जागण जुम्मा देव सिमरणा,धन -धन माणस जूण।
फड़ बाँचै जद भोपा भोपी,हो आणद सौ गुण।।म्हारा...
जीं माटी रो कण कण गावै,सूर -सत्याँ रा गान।
रावणहत्थै ,अळगोजाँ री,गूँजै हिवड़ै तान।।म्हारा...
नर - नाहर साँगा , राणा जी,कुम्भा , दुरगा दास।
लोही आखर लेख लिख्या,बै ख्याताँ करी उजास।।म्हारा...
बेटो पन्ना धाई कटायो,हाडी सीस भिजायो।
धन पदमण धन जौहर ज्वाला माटी मान बधायो।।म्हारा...
जोत प्रेम री रामू -चनणाँ,मूमल मधरा गान।
भगती  मेड़तणीं मीराँ री,भामा सा रो दान।।म्हारा...
गुरु वसिष्ठ जिंण धरती तपिया,सुरसत दीन्यो ज्ञान।
बीं मरुधरियै रै सत-बळ रो,आभै  उड़ै  निसान।।म्हारा...
 
                             जयकुमार  'रूसवा'  कोलकाता

3 comments:

  1. वाह सा।भासाआंदोलन सूं जुड़ो सा।

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  2. बहुत खूब 👍👍

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