Friday, 24 August 2018

खरी खरी ...

चेतो राजस्थानी लिखारां,चेताओ राजस्थानी भायां ने...

थोड़ा दिन पेलां ही वाट्सप माथै एक सन्देस बांच्यो हो क दुनिया भर मांय मारवाड़ी लोग ही महान है। इण सन्देस मांय मारवाड़ रा लोगां रै राजस्थान सूं बिणज बोपार, समाज सेवा अर दान पुन्न सारू दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बताया। राजस्थान ने छोड़ देस बिदेस री दुर्गम ठौड़ माथै संघर्ष कर अपने आप ने सुस्थापित करण में राजस्थानी लोगां री बरोबरी दुनिया री कोई जात नीं कर सके। दुनिया में हर काम में आगीवाण रहवण वाळा राजस्थानी उद्योगपति राजस्थानी भासा रै बिगसाव सारू केई तरह सूं मदद कर सके। केन्द्र सरकार केई बरस पेलां औद्योगिक घराणां ने सामाजिक सरोकार निभावण सारू सीएसआर मतलब कारपोरेट सोशल रेसपोरेंसिबिलिटी माथै आपरी कमाई रौ दो प्रतिशत खर्च करणों जरूरी कर दीयो। आज री खरी-खरी उण राजस्थानी हेताळू लोगां सारू है जका मायड़ भासा री मानता वास्ते जीणों-मरणों मांड राख्यो। राजस्थानी लोगां रै कारण ही आज देस दुनिया मांय राजस्थानी भासा संस्कृति लोक कला अर परम्परावां जीवंती रही। नीं तो आज पिछमी संस्कृति आपां री परम्परावां ने खावण ने त्यार बैठी। राजस्थानी ने सब तरह रौ सेयोग कर रहया राजस्थानी दानदातावां सूं साहित्यक गतिविधियां ने प्रोत्साहित करण अर सीएसआर सारू थोड़ो सो धन इण खेतर मांय भी गतिविधियां ने बढ़ावो दिरावां। एक छोटो सो सवाल सब लोगां सूं एक भी दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक,मासिक,त्रैमासिक, छमाही या सालाना छापा रौ नांव बता दयो जको मायड़ भासा रा लिखारां ने मान-सनमान सारू मानदेय देवे कांई ? हालत तो आ है क लिखारां वास्ते कोई मंच ही कोनी जठे व्हो आपरी सिरजण प्रतिभा दिखा सके, प्रदर्सन कर सके। मायड़ भासा रा कार्यक्रम आपां सरू करां सकां। इण भासा सूं बेरोजगारां ने रोजगार दिरा सकां। कोई भी एसो काम आपां सरू कर सकां जका सूं मायड़ भासा ने प्रोत्साहन मिल सके। आपां आ गिणती तो बताय देवां क लारला बरसां मांय राजस्थानी भासा मांय घण करा लोग एमए कर लिया पण व्हे एमए करयां पछे कांई करया। राजस्थानी में एमए करण री डिगरी रौ बोझो लियां फिरे और दूजा लोगां ने हतोत्साहित करां क इण रौ कीं फायदो नीं मिल्यो। राजस्थानी रा ज्ञान रौ समे रै अनुसार उपयोग नीं कर सकां तो आ कमजोरी आपां री ही है। राजस्थानी रा बिगसाव सारू राज रौ मुंडो जोवण री ठौड़ आपां ने ही कोसिस करणी है। से जणां मिल'र राजस्थानी भासा रा बिगसाव सारू साहित रा ग्यान रा खजाना रौ उपयोग करता थका आवण वाळी पीढ़ी रा सिरजण रौ उपयोग करां। जै जै राजस्थानी...
बाबूलाल टाक

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