Monday, 2 July 2018

राजस्थानी लोक कैबत

मीठा खावे जिका ने खारा भी खाणा पड़ै 

बडेरां री  कैबत चालती रही क दुनिया रौ दस्तुर ओ ही है क जिका सूं कोई फायदो मिले उणां ने फायदा रै सागै नुकसाण भी उठाणों पड़यां करै। इण वास्ते ही आ  लोक कैबत चाली क मीठा खावे जिका ने खारा भी खाणा पड़ै।

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