Monday, 18 June 2018

जै जै राजस्थानी पोथी

जै जै राजस्थानी पोथी 
च्यार भासा मांय उथलो

पोथी बांचण वाळा पोथी प्रेमी अबे कम है, आजकाले किण ने पोथी बांचण री बखत मिले।आ बात कहवण वाळा लोगां ने रवि जी पुरोहित री फेसबुक पोस्ट सूं करारो जवाब मिलेला। पुरोहित जी लिखे क वर्ष 2015 में राजस्थानी कविता री पोथी ‘उतरूं ऊंडै काळजै’ छ्पी। राजस्थानी री इण पोथी रौ च्यार भासा हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी मांय अनुवाद छपयो है। आ है मायड़ भासा री ताकत। आप री लेखनी मांय दम हुवणो चाहिजे। पोथी आप री ठौड़ मते ही बणाय लेवे। राजस्थानी सौरम रै कांनी सूं पुरोहित जी ने घणा घणा रंग।
मूल राजस्थानी - उतरूं ऊंडै काळजै, मूल्य - 150 रुपये
अंग्रेजी अनुवाद -  Fathoming The Heart मूल्य - 200 रुपये
संस्कृत अनुवाद - स्नेहसौरभम, मूल्य - 200 रुपये
पंजाबी अनुवाद - ओ  मीत मेरे - मूल्य - 200 रुपये
हाल ही प्रकाशित हिन्दी कविता संग्रह - आग अभी शेष है - मूल्य - 200 रुपये

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