Saturday, 23 June 2018

ईसरा-परमेसरा

रंग_राजस्थानी.  हरि-रस
हुआ असुराँण तणा हलकार,पुणै जमदग्न मुखंत पुकार।
आयौ तिहि वार फरस्सउ धार,सहस्सरबाहुव सेन सँघार।।32।।
कवि अर्थावे
         हे ईश्वर ! असुरों के आक्रमण करने पर जब यमदग्नि ने आपको पुकारा , आपने तब परशु धारण कर सेना सहित सहस्त्रबाहु का संहार कर दिया था ।
-प्रस्तुति सवाई सिंह महिया

1 comment:

  1. ईसरा परमेसरा !!!

    आभार टाक साहब..... घणां घणां रंग आपने...

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