Wednesday, 25 April 2018

रंग_राजस्थानी

हरि-रस ईसरा-परमेसरा

रखी धर वार किता तैं रांम,सजै हिरणाख विसै संगरांम।
अकासय वार किता तैं आव,वसाविय त्रीपुर अम्रित वाव।।23।।

         कितनी बार हिरण्याक्ष के साथ संग्राम करके आपने पृथ्वी की रक्षा की और कितनी ही बार अन्तरिक्ष से आपने अमृत वर्षा द्वारा त्रिलोकी को बसाया।
प्रस्तुति---सवाई सिंह महिया

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