Wednesday, 18 April 2018

मसखरी

निमड़ा री छियां बैठा डोकरा कन्ने पूग्यो एक जवान छोरो कहयो 
-बा सा पगे लागणा ...
-जीवन्तो रह बेटा...रामजी थारी हजारी उमर करै।
-धोक दयूं ...आखा तीज रा। 
-हां बेटा भगवान घर ने सोरा राखे। मोकळी कमाई अर बरकत देवे।इत्ता में दूजो छोरो आंवतो ही खंखारो कर बोल्यो 
-बासा किकर...जोर में हो।
-जबर है...थने देख्यां घणा जोर में।
-बैठा हो राजी खुसी।
-हां थूं गुड़ाय दे।
-और सुणाओ...कांई हाल है।
-बैठ जा बोल्यो बोल्यो...साची साची सुणाय देंव तो मुंडो सुजाय लेय।

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