Tuesday, 10 April 2018

खरी खरी

राजस्थानी भाइयां वास्ते बांच सकौ तो खरी खरी
बाबूलाल टाक
मायड़ भासा रा हेताळुवां सूं अरज क आप मन मांय बिचार करौ क राजस्थानी री मानता वास्ते आन्दोलन करण वाळा आपां कांई आपणो दायित्व निभा रहया हां। मानता वास्ते आन्दोलन कर अर झण्डाबरदार बणन वाळा एक’र सोचो तो सही क मायड़ भासा ने जीवंती राखण वास्ते हर दिन आपां किती’क देर राजस्थानी वास्ते देवां, रोजीना आपां राजस्थानी बांचां कांई ? आप एक कड़वा सवाल रौ जवाब इमानदारी सूं देय सको कांई ?  क लारला एक महीना अर एक साल मांही आप राजस्थानी री किती’क पोथ्यां मोल लेयर बांची। अर मन मांय आ बिचार कर आ बात ही बता देवो क कोई राजस्थानी लेखक आपने बिना दाम लियां बांचण वास्ते पोथी दियां पछे आप उण रा पांच सात पाना बांच्या कांई ? अर किता’क जणां फोकट में मिली पोथी ने बांची। किता लोग राजस्थानी रा इयांनका हेताळु है जका मुफ्त में पोथी देवणिया ने पोथी बांच अर धन्यवाद आभार देवण वास्ते पोस्टकारड या कागद नीं लिख्यौ हुवै तो कम सूं कम मोबाइल फोन सूं ही बात करी हुवै या पछै वाटसअप माथै मुफत में पोथी देवण वास्तै घणा घणा रंग रौ संदेस ही भेज्यौ हो। अखबार में नांव अर फोटू छपवावण वास्तै राजस्थानी रौ हेताळु बणनो जितो सोरो हुवै उतो ही दोरो काम मायड़ भासा राजस्थानी मांय आप रौ जीवण जीवणो अर ढालणो हुवै। आज री बखत में जरूरत है राजस्थानी बोलण, बांचण अर लिखण री। आ जरूरी कोनी क आप राजस्थानी रा मोटा नांवधारी लिखारा हुवौ, आप राजस्थानी बांच तो सकौ। अर आप खरीद र पोथी बांचो तो बांच्यां पछै आप रा कोई दोस्त ने व्हा पोथी बांचण वास्तै देय सकौ। राजस्थानी मानता री मांग तो राज सूं करणों जरूरी है ही पण इण सूं जरूरी तो आ है क आपां राजस्थानी ने हिया मांय किती उतार राखी हां अर हिरदा सूं राजस्थानी ने मायड़ भासा मान अर मान सनमान देवां हां। अर इण खातर आप रा दिन भर रा टेम मांय कीं न कीं राजस्थानी वास्ते करता रहवां। जद तांही आ आग हिरदा ने बैचेन कर  तड़फावेला आपां मायड़ भासा वास्तै कीं कर सकांला। राजस्थानी री पोथ्यां री कमी कोनी बांचण वाळां री कमी कोनी पण राजस्थानी रा हेताळु बण आपां कांई कर सकां इण माथै बिचार  करणो आपो-आप माथै ही लागू कर राजस्थानी री जोत ने राजस्थानियां रै भरोसे जागती राखां ला जद ही पार पड़ेला।

2 comments:

  1. खारी ज्‍हैर खरी खरी सुणियां सूंघै स्‍याप
    कीकर कानां काढलै आवै जद अणमाप
    चिपतां री रह चावणां बा ई भावै बात
    मतै बणियां मोहरसिंघ कदै करावै खात
    जिका सुणावण जाेयरया बै कद सुणलै बोल
    पेाथ्‍यां रा कुण पानड़ा खांचे मन सूं खोल
    जाेवै मायड़ नै जि‍का कदम काळ कढियांह
    जागै नित बै जोगवां नासां जळ च‍ढियाह

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  2. खारी ज्‍हैर खरी खरी सुणियां सूंघै स्‍याप
    कीकर कानां काढलै आवै जद अणमाप
    चिपतां री रह चावणां बा ई भावै बात
    मतै बणियां मोहरसिंघ कदै करावै खात
    जिका सुणावण जाेयरया बै कद सुणलै बोल
    पेाथ्‍यां रा कुण पानड़ा खांचे मन सूं खोल
    जाेवै मायड़ नै जि‍का कदम काळ कढियांह
    जागै नित बै जोगवां नासां जळ च‍ढियाह

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