Friday, 30 March 2018

ईसरा-परमेसरा

ईसरा-परमेसरा
रंग_राजस्थानी.  हरि-रस_

बिहांसूं हि हेकण लीधिय बाथ,निरोहर मांहि कियो जुध नाथ।
बिहूं मधु कीट यसा बळ-बुद्ध,जिता तैं दांणव बाहुव- जुद्ध ।।20।।
कवि अर्थावे है क...  महाबली प्रभो ! आपने मधु और केटभ दोनों को समुद्र के अन्दर एक ही बाँह में पकङकर उनसे बाहु-युद्ध करके उनको जीत लिया ।
प्रस्तुति-----सवाई सिंह महिया

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