Friday, 9 February 2018

राजिया रा सोरठा

सुख में प्रीत सवाय,दुख में मुख टाळो दियै।
जो की कहसी जाय, राम कचेड़ी राजिया।।
कवि कहता है कि जो लोग सुख में बहुत प्रीत प्रेम दर्शाते हैं किंतु दुख पड़ने पर वही लोग मुंह छिपा लेते हैं।हे राजिया ऐसे लोग ईश्वर की अदालत में जाकर क्या जवाब देंगे।

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