Tuesday, 13 February 2018

रंग_राजस्थानी

ईसरा-परमेसरा
हरि-रस में अबकी अवतार नामावली
मच्छ कच्छ वाराह महम्मण,नारसिंघ वांमन नारायण।
दुज्जरांम रघुरांम दिवाकर,किसन बुद्ध कलकी करुणाकर ।।13।।
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नारद व्यास  बद्रीनारायण,परम निरंजण मुक्त सु पायण।
बल़ि अवतार तुंही बल़ि बंधण,भक्त तणा धरिया दुखभंजण ।।14।।

            हे विश्वंभर ! आपने दीनों और भक्तों के कष्ट मिटाने के लिये ही मच्छ , कच्छ , वाराह , नृसिंह , वामन, नर-नारायण , परशुराम , सूर्यवंशी श्री रामचन्द्र , कृष्ण, बुद्ध , कल्कि , नारद , व्यास , परम निरंजन और मुक्तिदाता श्री बदरीनारायण और बलि का अवतार धारण कर स्वयं बलि को वामन रूप द्वारा बांधना - ऐसे अनेक अवतार धारण किये । आपने अनेक अवतार धारण कर भक्तों के दुःखों को अनेकविध नष्ट किया है ।
प्रस्तुति____सवाईसिंह महिया

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