Friday, 9 February 2018

रंग राजस्थानी

ईसरा-परमेसरा
व्रखभ कपिल हयग्रीव विसंभर, दत्तात्रय हरि हंस दमोदर।
राय-विकुंठ धनंतर रिक्खभ,गरुङारूढ प्रथू प्रसनीग्रभ ।।12।।
   कवि अर्थावे है ....        हे विश्वम्भर ! आपने  दीनों और भक्तो के कष्ट मिटाने के लिये वृषभ , कपिल , हयग्रीव , हरि , हंस , दामोदर , वैकुण्ठपति विष्णु ,धनवन्तरि , ऋषभ , गरुङारूढ पृथु , पृश्निगर्भ (ध्रुव- नारायण , कृष्ण ) आदि अनेक अवतार धारण किये ।
 प्रस्तुति_____ सवाईसिंह महिया

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