Friday, 19 January 2018

मायड़ भासा रौ नूंतो

मायड़ भासा रा हेताळुवां ने घणै मान डेह गांव आवण रौ नूंतो
आदरजोग 
साहितकारां लिखारां अर मानता सारू आपरौ सैयोग देवणिया भाइयां ने डेह गांव रा पवन पहाडिय़ा अर खैण गांव रा लक्ष्मणदान कविया रै कांनी सूं 4 फरवरी अदीतवार ने डेह गांव में पधारण रौ घणै मान नूंतो। राजस्थानी भासा सारू आ अंजस री बात है क डेह गांव रा कुंजल माता मंदिर परिसर में दौपारां सवा बारह बज्यां सूं साहित री तिरवेणी रौ संगम हुवेला। इण तिरवेणी संगम में हुवैला साहितकारां रौ सनमान, पोथ्यां रौ विमोचन अर मिलेला साहितकारां रौ मार्गदरसण।
साहितकार जहूरखां मेहर, भंवर सिंह सामोर, मनोहर सिंह राठौड़ नारायण सिंह पीथळ, झालावाड़ जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र सोनी, पूर्व जिला प्रमुख बिन्दू चौधरी, राजस्थानी भासा साहित्य अकादमी रा पूर्व अध्यक्ष पृथ्वीराज रतनूं, रोडवेज नागौर रा मुख्य प्रबंधक गणेश शर्मा, राजस्थान पत्रिका रा सम्पादकीय प्रभारी रूद्रेश शर्मा, डेह सरपंच सुमन कंवर उदावत अर पंचायत समिति सदस्य सन्तोष दन्तुसलिया री मिजमानी में हुवण वाळा कार्यक्रम में राजस्थान धरोहर संरक्षण अर प्रोन्नति प्राधिकरण रा अध्यक्ष औंकारसिंह लखावत सिरे पावणां हुवैला। डॉ. गजादान चारण संचालन करैला। 
आठ पोथ्यां रौ विमोचन अर राजस्थानी भासा री नौ विधावां में साहितकारां रौ सनमान रौ कार्यक्रम राजस्थानी भासा ही नीं देस री किणी भी भासा में आज तांई नीं हुयौ हुवैला। इण मामला में नागौर जिले रौ डेह गांव देस भर में सिरे रहयौ अर राजस्थानी भासा री मानता सारू काम करणियां में जोस भरण वास्तै महताऊ काम हुयो। सरसती रा पुजारी लिखारा जद सचेत रहवै तो साहित ने राज री दरकार नीं रहवै।

3 comments:

  1. मायड़ भासा रा हेताळूवां अर सनमान पावणियां साहितकारां नै घणां घणां रंग । डेह जैड़ा कस्‍बा मांय अतरो लांठो समारोह करणियां नैं अर इण समारोह नें आप जिसा रंग देवणीयां साचा सपूतां नैं सगळै राजस्‍थान्‍यां कानी सूं हीवडै़ तणी मंगळकामनावां । इसै समारोह नें देखण सारू अर लाभ लेवण सारू अवस हाजर हूवाला दिनेश फुलवारिया भाकरोद

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  2. एके सागै नौ साहितकारां रो सनमान अर आठ पोथ्यां रो विमोचन....राजस्थानी साहित्य संवर्धन सारू लूंठो बीड़ौ उठावणियां कविया साहब अर पहाड़िया जी नै घणां रंग....सम्मानित साहितकारां नै घणी घणी बधायां....ईं खबर नै बगत बगत पर सौरम में ठावी ठौड़ देवण सारु बाबुलाल जी भाईसाहब रो आभार

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  3. एके सागै नौ साहितकारां रो सनमान अर आठ पोथ्यां रो विमोचन....राजस्थानी साहित्य संवर्धन सारू लूंठो बीड़ौ उठावणियां कविया साहब अर पहाड़िया जी नै घणां रंग....सम्मानित साहितकारां नै घणी घणी बधायां....ईं खबर नै बगत बगत पर सौरम में ठावी ठौड़ देवण सारु बाबुलाल जी भाईसाहब रो आभार

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