Friday, 19 January 2018

रंग राजस्थानी

ईसरा सो परमेसरा

 देव ! कसी उपमा दियां ,तैं सरज्या सह कोय ।
तो सरीखो तु हिज है , अवर न दूजो होय ।।8।।
कवि अर्थावे क...
   ... हे प्रभो ! संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं है जिसकी उपमा आपको दी जाय , क्योंकी उपमा देने योग्य संसार के जङ-चेतन आदि समस्त पदार्थ आप ही ने रचे हैं जो कि नाशवान होने के कारण अपूर्ण है । इसलिए आपके समान तो आप ही हैं , दूसरा हो ही नहीं सकता ।

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