Monday, 1 January 2018

केबत

मोटी रातां रा तड़का मोटा ही हुवे
आ केबत गुण अवगुण दोनूं वास्ते काम में ली जावै। समाज में लीक ने छोड़ अर मोटा काम करण वाळां वास्ते ही आ केबत कहयोड़ी है।इण केबत में बडेरा सीख देवे क मोटा लोगां सूं तुलना भी हुवणी चाहिजै अर आकलन भी हुवणो चाहिजै जद ही लोगां ने अच्छा मारग माथै चालण वास्ते बडा लोगां रा काम री सीख मिले अर बुराई रा रस्ता सूं बंचण रौ सन्देस मिले।

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