Monday, 11 December 2017

राजस्थानी समंचार

राजस्थानी कवितावां री अनुवाद री पोथी रौ विमोचन
श्रीगंगानगर। वरिष्ठ साहित्यकार मोहन आलोक कहयो क कोई भी भाषा रा साहित में कही गई बात ने दूजी भासा में कहणो दोरो है, पण अनुवादक सबदां री ठौड़ भाव ने पकड़ लेवे तो आसान हुय  जावे। वे रविवार ने सृजन सेवा संस्थान अर राष्ट्रीय कला मंदिर रै कांनी सूं चौधरी रामजस कला सदन में रवि पुरोहित री राजस्थानी काव्यकृति "उतरूं ऊंडै कालजै" रा भूपेन्द्र सिंह कृत पंजाबी अनुवाद "ओ मीत मेरे" रा विमोचन समारोह री अध्यक्षता करै है।
मुख्य अतिथि नोजगे पब्लिक स्कूल रा चेयरमैन पीएस सूद हा।
पुस्तक पत्रवाचन वरिष्ठ साहित्यकार मंगत बादल करया। मीनाक्षी आहुजा पत्रवाचन करयो। रवि पुरोहित अर भूपेन्द्र सिंह ने पुस्तक री कुछ कवितावां अर अनुवाद रौ वाचन भी करयो। कला मंदिर अध्यक्ष निर्मल जैन स्वागत करयो। डा. अरुण शहैरिया ताइर आभार जतायो। संचालन सृजन अध्यक्ष कृष्ण कुमार आशु करयो।
प्रस्तुति... कृष्ण कुमार आशु

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