Monday, 27 November 2017

केबत

ऊबा खेजड़ा बेज कोनी पाड़ सके।
इण केबत में बडेरा सीख देवे क कोई भी काम जल्दबाजी सूं नीं हुयां करे। हर काम री एक रीति नीति हुयां करे। कोई लकड़ी ने काम में लेवण वास्ते पेलां पेड़ काटणो पड़े इण रै सुकयां पछे काट अर लकड़ी ने सही करे अर पछे काम लेवण रै हिसाब सूं ही उण में बेज करे।

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