Saturday, 18 November 2017

सेठियाजी ने आदरांजलि

फरक

बन्द आंख
मीरा
खुली आंख
 कबीर
भगती
जमना'र
ग्यान
गंगा रो नीर
-कन्हैया लाल सेठिया समग्र सूं साभार

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