Monday, 6 November 2017

केबत

लांठा रौ डोको डांग फाड़े।  
आज रा जमाना में भी बडेरां री आ केबत साव साची है।डोको तो सफा कमजोर हुवे। अर डांग रौ तो कहनो णो ही कांई।बडेरा री टेम तो डांग लांठा ठो हथियार हुयां करतो। मजबूत डांग जै हाथ में आ ज्यवंती तो दस बीस ने तो एक ही जवान धारतो कोनी। पण जै मजबूत जवान रै सांमी लांठा रो डोको हुवे तो डांग आला ने पछली पगल्या सिरकनो पड़े। आजकल तो आ बात घणी देखण में आवे। हुयगी।

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