Thursday, 30 November 2017

उथलो

सरसती स्नेहे हों जपां , गणपति लागां पाय ।
ईसर ईस अराधवा, सदबुध करो सहाय ।।
कवि अर्थावे है..  श्री सरस्वती का स्नेह पूर्वक स्मरण और श्री गणपति के चरणों का वन्दन करके मैं(ईसरदास) प्रार्थना करता हूं कि आप मुझे सद्बुद्धि देकर ईश्वर आराधना में मेरी सहायता करें।
  - - - - - - - - - - - प्रस्तुति---सवाईसिंह महिया

1 comment:

  1. आपरो प्रयास अंजसजोग है टाक साहब.... आभार...
    आभार....

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