Monday, 30 October 2017

समचार

डॉ चारण अर नाहटा री पोथी राजस्थानी साहित में सामिल
नागौर।
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर रै राजस्थान अध्ययन केंद्र कानी सूं संचालित एम.ए. (राजस्थानी भाषा-साहित्य एवं संस्कृति) रै पाठ्यक्रम में डॉ गज्जादान चारण अर डॉ किरण नाहटा री संपादित पोथी 'राजस्थानी निबन्ध संग्रह' नै सम्मिलित करण सारू पाठ्यक्रम निर्धारण समिति तय करी। आ पोथी डॉ चारण अर डॉ. किरण नाहटा री संपादित निबन्ध कृति है। आ पोथी इण सूं पैली महाराज गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर रै स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में चयनित हुई।

1 comment:

  1. डॉ चारण अर नाहटा री पोथी राजस्थानी साहित में सामिल करण री जाणकारी सूं आ तै हुवै क राजस्‍थानी भासा घणी सिमरध है । आपणा कवि कानदानजी कल्पित री कविता सीखड़ली ई इग्‍यारवी क्‍लास रा पाठ़यक्रम मांय सामळ हूई है । आ आपणै खातर घणी गिरबै जोग बात है दुख पण इण बात रो आवे क आपणी राजस्‍थान री सरकार कीकर आंख मिच्‍यां बैठी है । आज आपणी अकादमी रै अध्‍यक्ष री घोषणां नीं हूवण सूं कितरा साहित्‍यकारां अर भासा रो अपमान हूय रियो है । आंरा तेवर कद बदळसी राम जाणै क्‍यूंक आपणां जन प्रतिनिधि तो इण मामला में साव गूंगा है

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