Saturday, 7 October 2017

सेठियाजी ने आदरांजलि

चिड़कल्यां

चिड़कल्यां
दिनुगे गै'र सिंझ्या
रूंख स्यूं हताई करै,
दोपारां फिर फिर'र
दान णा चुगै पेट भरै,
मिनख ही बैठो रह सकै है
भगवान'र भाग रै आसरै,
जिनावरां रै ईयां कियां सरै ?

-कन्हैया लाल सेठिया समग्र सूं साभार

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