Wednesday, 11 October 2017

आयुर्वेद री बातां

चैते गुड़ बैसाखे तेल,जेठे पंथ असाढे बेल।
सावण साग भादवो दही,क्वार करेला काती मही।
अगहन जीरा पूसे धाणा,माहे मिसरी फ़ाग चिणा।।

इण दूहा में बडेरा बतावे क किसा महीना में कांही नीं खावणों चाहीजै। चैते में गुड़,बैसाख में तेल,जेठ पैदल यात्रा, असाढ में बेल फळ, सावण में हरो साग, भादवा में दही, आसोज में करेला,काती में  छाछ, मिंगसर में जीरा, पोह में धाणा,माघ में मिसरी अर फ़ागण में चिणा नहीं जीमणो चाहीजै।

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