Friday, 27 October 2017

बडेरां री सीख

बारा कोसां बोली पलटे, बनफल पलटे पाकां।
सौ कोसां साजन पलटे, लखण न पलटे लाखां।।

बडेरां री केबत है क बारा कोस माथै बोली पलटयां करै अर बनफल पाक्यां सूं पलटयां करै। साजन सौ कोसां अन्तरो हुवे तो बदळ जायां करै पण आदमी रा जलमजात लखण नीं पलट सके।

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