Tuesday, 17 October 2017

केबत

कमावै थोड़ो खरचे घणो, पेलो मूरख उन ने गिणो।

बडेरा बोपार करण री सीख देवन्ता जणा केई बातां सिखावन्ता उण सूं केई लोक केबतां घड़ीजी उण में ओ सबक दियो ग्यो क कमाई सूं भतो खरचो नीं हुवणो चाहिजै। बोपार में कमाई सूं भतो खरचो करण वाळा ने दुनिया रौ पेलो मूरख बतायौ। आज भी टाबरां रै खरचा रौ कोई पार कोई। लोग अंधा धुंध खरचो करण में रहवे।

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