Saturday, 23 September 2017

राजिया रा सोरठा



तज मन सारी घात, इकतारी राखै इधक।
वां मिनखां री बात, राम निभावै राजिया।।

जका लोग आप रै मन री सगळी कुटिलतावां छोड़ र रोजीना एक सो आत्मीय बौवार राखै, हे राजिया वां मिनखां री बात भागवान भी राखै।


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