Wednesday, 10 June 2020

सुभाषित री ग्यान गंगा

उदय सरिता रक्तो रक्तष्चास्तमये तथा।
संपतौ च विपतौ च महतामेकरूपता।।

संस्कृत के इस सुभाषित में कवि कहते हैं कि उदय एवं अस्त होते हुए सूर्य समान रूप से रक्तवर्ण लाल होता है। उसी प्रकार से सज्जन लोग भी सम्पन्नता एवं विपन्नता में एक समान एकरूपता से व्यवहार करने वाले होते हैं। इसी प्रकार से हमें भी हमारे जीवन में आने वाले सुख-दुख को अतिथि मानकर उनके साथ सहानुभूति एवं आत्मीयता से समस्याओं के प्रति स्पंदित होकर उनका समाधान सुझाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

राजस्थानी--
संस्कृत रा इण सुभाषित में कवि सीख देवै क उगता अर आन्तता सूरज रौ रंग लोही री जियां लाल हुवै। इणी तरह सूं  सज्जन लोग सम्पन्नता अर विपन्नता में एक समान एकरूप बौवार करै। इण तरह सूं आपां रै जीवण में आवण वाळा सुख-दुख ने पांवणा मान अर सहानुभूति अर आत्मीयता सूं समस्यावां रौ समाधान करण वास्तै कोसि करणी चाहिजै।

Wednesday, 4 March 2020

मायड़ भासा राजस्थानी समचार

डेह नागौर में 14 मार्च ने राजस्थानी उच्छब
 -16 साहित्यकार हुवैला सम्मानित
-उछब में सात राजस्थानी पोथ्यां रौ विमोचन
नागौर. नेम प्रकासण डेह अर अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा
मान्यता संघर्ष समिति रै भेळप में मायड़ भासा राजस्थानी रौ 
जबरो उछब 14 मार्च ने हुवैला। राजस्थानी भासा रा पुरस्कार 
अर पोथी विमोचन रा इण जबरा कार्यक्रम मांय सात पोथ्यां
 रा विमोचन रै सागे मायड़ भासा री विधावां रा सोळह साहितकार
 लिखारां ने सम्मानित करया जावैला। ओ राजस्थानी पुरस्कार
 उच्छब 2019 डेह गांव रा कुंजल माता मिन्दर परिसर मांय
 अबे 14 मार्च दिनुगे साढ़ी दस बज्यां हुवैला। पेलां ओ उछब
 1 मार्च ने हुवण वळो हो पण अबखाई सूं इण। ने आगे करर
 दियो। आयोजक पवन पहाडिय़ा बताया क राजस्थानी 
साहित्यकार आईदानसिंह भाटी मुख्य अतिथि हुवैला।अध्यक्षता 
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर रा राजस्थानी विभाग
 रा पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर कल्याणसिंह शेखावत करैला। 
कार्यक्रम रा विशिष्ट अतिथि जिला सत्र न्यायाधीश राजसमंद
देवेन्द्र जोशी,जोधपुर रा राजस्थानी साहित्यकार मीठेश निर्मोही,
जिला परिषद नागौर रा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर 
चौधरी , राजकीय महाविद्यालय नागौर रा प्राचार्य शंकरलाल
 जाखड़, ग्राम पंचायत डेह रा सरपंच रणवीरसिंह उदावत हुवैला।
समारोह रौ संचालन डॉ गजादान चारण करैला।

इण लिखारां ने मिलेला साहित्य सम्मान
संयोजक लक्ष्मणदान कविया बताया क  निर्णायक मंडल 
में कविया रै सागे प्रोफेसर कल्याणसिंह शेखावत, डॉ मनोहरसिंह
राठौड़ , डॉ श्याम सुन्दर भारती, डॉ गजादान चारण, डॉ चेतन 
स्वामी हा।निर्णायकां रै मुजब सम्मानित हुवण वाळा साहित्यकारां
में डॉ अर्जुनसिंह शेखावत (पाली) ‘आडावळो अरड़ायो’ ने नेमीचंद 
पहाडिय़ा पद्य पुरस्कार, नरपतसिंह सांखला (बीकानेर) ‘काळजै 
री कोर’ अमराव देवी पहाडिय़ा गद्य पुरस्कार, श्याम जांगीड़
 (चिड़ावा) ‘नोरंगजी री अमर कहाणी’ कमला देवी पहाडिय़ा
 उपन्यास पुरस्कार, पूरन सरमा (जयपुर) ‘किस्सो रामराज रो’ 
भंवरलाल सबलावत व्यंग्य पुरस्कार, सत्यदेव संवितेन्द्र (जोधपुर)
 ‘न्यू पिंच’ सिरदाराराम मौर्य बाल साहित्य गद्य पुरस्कार, मनोज 
चारण ‘गाडण’ (रतनगढ) ‘मिणधर माण मरदण’ मोहनदान 
गाडण भक्ति काव्य पुरस्कार, डॉ. शक्तिदान कविया (जोधपुर)
 ‘संबोध सतसई’ सोहनदान सिंहढायच डिंगल पुरस्कार, 
नागराज शर्मा (पिलानी झुंझुनूं) सम्पादक बिणजारो जुगलकिशोर
 जैथलिया राजस्थानी भाषा सेवा सम्मान, डॉ. अनुश्री राठौड़ 
(उदयपुर) ‘ओळूं’ छगनमल बेताला कहाणी पुरस्कार, कमल
 रंगा (बीकानेर) ‘अदीठ सांच’ पारसमल पांड्या राजस्थानी 
साहित्य पुरस्कार, बसंती पंवार (जोधपुर) ‘नूंवौ सूरज’ मैना 
देवी पांड्या राजस्थानी लेखिका पुरस्कार, डॉ भगवतीलाल 
शर्मा (जोधपुर) ‘अमोलक मोती’ चण्डीदान देवकरणोत अनुवाद
 पुरस्कार, श्रीभगवान सैनी (श्री डूंगरगढ़) ‘म्हैं ई रेत रमूंला’ 
अमितसिंह चौहान राजस्थानी बाल पद्य पुरस्कार, दीनदयाल 
ओझा (जैसलमेर) गोपालसिंह उदावत वय वंदन पुरस्कार , 
राजेन्द्र शर्मा मुसाफि र (चूरू) ‘मेळो’ पारस देवी बेताला 
राजस्थानी कहाणी पुरस्कार अर नाटककार छगनलाल 
सेवदा ‘निशंक’(सरदारशहर) ‘कुवै भांग पड़ी’ सज्जनसिंह
 उदावत राजस्थानी नाटक पुरस्कार दियो जावैला। कविया
 बताया क सम्मानित साहित्यकार ने ग्यारह हजार रिपिया, 
शॉल, श्रीफ ल बखाण पानो अर राजस्थानी साहित्य भेंट
 कर सम्मानित करयो जावैला।

Saturday, 15 February 2020

साहित्य सम्मान समारोह

सृजन सम्मान वार्षिक पुरस्कार घोषित

श्रीगंगानगर. सृजन सेवा संस्थान के अखिल 
भारतीय स्तर पर दिए जाने वाले वार्षिक 
पुरस्कार काव्य विधा के लिए दिए गए हैं।
सृजन के सचिव कृष्णकुमार आशु ने बताया
कि  गोपीराम गोयल चेरिटेबल ट्रस्ट के 
सौजन्य से ग्यारह हजार रुपए का  गोपीराम
 गोयल सृजन कुंज पुरस्कार नई दिल्ली के
 वरिष्ठ शायर विज्ञानव्रत को,पंडित रामचंद्र
 शास्त्री स्मृति जनमंगल प्रन्यास की ओर 
से ग्यारह हजार रुपए का डॉ. विद्यासागर 
शर्मा सृजन सम्मान अजमेर के सुरेंद्र 
चतुर्वेदी को, समाजसेवी प्रहलादराय टाक 
की ओर से इक्यावन सौ-इक्यावन सौ 
के दो सम्मान सुरजाराम जालीवाला 
सृजन पुरस्कार हिंदी के लिए चंडीगढ़
 के मुसव्विर फिरोजपुरी व राजस्थानी
 के लिए कोटा के गीतकार जितेंद्र निर्माेही 
को तथा रंगकर्मी-आलोचक सरदार
 भूपेंद्रसिंह की ओर से देय इक्यावन 
सौ रुपए का माता जसवंतकौर सृजन
 प्रोत्साहन पुरस्कार बांसवाड़ा की युवा
 कवयित्री मेहर खान को दिया जाएगा।
 निर्णायक मंडल में वरिष्ठ कवि डॉ. 
मंगत बादल, डॉ. अरुण शहैरिया ताइर
 व डॉ. संदेश त्यागी थे। मई के प्रथम
 सप्ताह में सम्मान समारोह में पुरस्कार
 राशि, सम्मान प्रतीक व शॉल ओढ़ाकर
समानित किया जाएगा।

Friday, 14 February 2020

राजस्थानी सम्मान समारोह

सामौर होंगे कविश्री काग बापू लोक साहित्य एवार्ड से सम्मानित

सुजानगढ़. लोहिया काॅलेज चूरू के पूर्व प्राचार्य व
राजस्थानी विद्वान भंवरसिंह सामौर को ‘कवि
श्री काग बापू लोक साहित्य एवार्ड’ से सम्मानित
किया जाएगा। साहित्यकार डाॅ. घनश्याम नाथ
कच्छावा ने बताया कि प्रो. सामौर को गुजरात
के काग धाम में पद्मश्री काग बापू की पुण्य तिथि
पर 27 फरवरी 2020 को पुरस्कार प्रदान किया
जाएगा। ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित डाॅ.
रघुवीर चौधरी सहित गुजरात व देश के वरिष्ठ
साहित्यकारों की उपस्थिति में प्रो. सामौर को
पुरस्कार अर्पित किया जाएगा। पद्मश्री काग
बापू ट्रस्ट की ओर  से प्रो. सामौर को सम्मान
स्वरूप इक्यावन हजार रुपए, अभिनन्दन पत्र,
प्रतीक चिन्ह व अंग वस्त्र प्रदान किया जाएगा। 

Monday, 3 February 2020

मायड़ भासा राजस्थानी समचार

डेह नागौर रा राजस्थानी उच्छब में 16 साहित्यकार हुवैला सम्मानित
एक मार्च रा उछब में सात राजस्थानी पोथ्यां रौ विमोचन
नागौर. नेम प्रकासण डेह अर अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा
मान्यता संघर्ष समिति रै भेळप में मायड़ भासा राजस्थानी रौ
जबरो उछब तेवड़यो है। देस भर में राजस्थानी भासा रा पुरस्कार
अर पोथी विमोचन रा इण जबरा कार्यक्रम मांय सात पोथ्यां रा 
विमोचन रै सागे मायड़ भासा री विधावां रा सोळह साहितकार
लिखारां ने सम्मानित करया जावैला। ओ राजस्थानी पुरस्कार 
उच्छब 2019 डेह गांव रा कुंजल माता मिन्दर परिसर मांय एक
मार्च दिनुगे साढ़ी दस बज्यां हुवैला। आयोजक पवन पहाडिय़ा 
बताया क राजस्थानी साहित्यकार आईदानसिंह भाटी मुख्य
अतिथि हुवैला।अध्यक्षता जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय 
जोधपुर रा राजस्थानी विभाग रा पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर कल्याण
सिंह शेखावत करैला। कार्यक्रम रा विशिष्ट अतिथि जिला सत्र
 न्यायाधीश राजसमंद देवेन्द्र जोशी,जोधपुर रा राजस्थानी
 साहित्यकार मीठेश निर्मोही, जिला परिषद नागौर रा मुख्य 
कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी , राजकीय महाविद्यालय
 नागौर रा प्राचार्य शंकरलाल जाखड़, ग्राम पंचायत डेह रा 
सरपंच रणवीरसिंह उदावत हुवैला। समारोह रौ संचालन 
डॉ गजादान चारण करैला।

इण लिखारां ने मिलेला साहित्य सम्मान
संयोजक लक्ष्मणदान कविया बताया क  निर्णायक मंडल 
में कविया रै सागे प्रोफेसर कल्याणसिंह शेखावत, डॉ मनोहरसिंह
 राठौड़ , डॉ श्याम सुन्दर भारती, डॉ गजादान चारण,
डॉ चेतन स्वामी हा। निर्णायकां रै मुजब सम्मानित हुवण
वाळा साहित्यकारां में डॉ अर्जुनसिंह शेखावत (पाली)
 ‘आडावळो अरड़ायो’ ने नेमीचंद पहाडिय़ा पद्य पुरस्कार, 
नरपतसिंह सांखला (बीकानेर) ‘काळजै री कोर’ अमराव 
देवी पहाडिय़ा गद्य पुरस्कार, श्याम जांगीड़ (चिड़ावा) ‘नोरंगजी
री अमर कहाणी’ कमला देवी पहाडिय़ा उपन्यास पुरस्कार, 
पूरन सरमा (जयपुर) ‘किस्सो रामराज रो’ भंवरलाल सबलावत
व्यंग्य पुरस्कार, सत्यदेव संवितेन्द्र (जोधपुर) ‘न्यू पिंच’
 सिरदाराराम मौर्य बाल साहित्य गद्य पुरस्कार, मनोज 
चारण ‘गाडण’ (रतनगढ) ‘मिणधर माण मरदण’ मोहनदान
 गाडण भक्ति काव्य पुरस्कार, डॉ. शक्तिदान कविया (जोधपुर)
 ‘संबोध सतसई’ सोहनदान सिंहढायच डिंगल पुरस्कार,
 नागराज शर्मा (पिलानी झुंझुनूं) सम्पादक बिणजारो 
जुगलकिशोर जैथलिया राजस्थानी भाषा सेवा सम्मान,
डॉ. अनुश्री राठौड़ (उदयपुर) ‘ओळूं’ छगनमल बेताला 
कहाणी पुरस्कार, कमल रंगा (बीकानेर) ‘अदीठ सांच’ 
पारसमल पांड्या राजस्थानी साहित्य पुरस्कार, बसंती
 पंवार (जोधपुर) ‘नूंवौ सूरज’ मैना देवी पांड्या राजस्थानी
 लेखिका पुरस्कार, डॉ भगवतीलाल शर्मा (जोधपुर)
‘अमोलक मोती’ चण्डीदान देवकरणोत अनुवाद पुरस्कार,
श्रीभगवान सैनी (श्री डूंगरगढ़) ‘म्हैं ई रेत रमूंला’ अमितसिंह
 चौहान राजस्थानी बाल पद्य पुरस्कार, दीनदयाल ओझा
(जैसलमेर) गोपालसिंह उदावत वय वंदन पुरस्कार ,
राजेन्द्र शर्मा मुसाफि र (चूरू) ‘मेळो’ पारस देवी बेताला
राजस्थानी कहाणी पुरस्कार अर नाटककार छगनलाल
 सेवदा ‘निशंक’(सरदारशहर) ‘कुवै भांग पड़ी’ सज्जनसिंह
 उदावत राजस्थानी नाटक पुरस्कार दियो जावैला। 
कविया बताया क सम्मानित साहित्यकार ने ग्यारह
हजार रिपिया, शॉल, श्रीफ ल बखाण पानो अर
 राजस्थानी साहित्य भेंट कर सम्मानित करयो जावैला।

Friday, 27 December 2019

सुभाषित री सौरम

सुभाषित री सौरम

संयोजयति विद्यैव नीचगापि नरं सरित्।
समुद्रमिव दुर्धर्षं नृपं भाग्यमतः परम्।।

सुभाषित का हिन्दी अर्थ 

संस्कृत के इस सुभाषित में बताया गया है कि किस
प्रकार से बड़े और महान लोगों की संगत और सम्पर्क
से छोटे लोगों का उद्धार हो जाता है।जिस प्रकार से नीचे
की ओर बहती नदी अपने साथ तिनके  आदि तुच्छ 
पदार्थों को बहाकर ले जाती है और उन को समुद्र में 
मिला देती है, ठीक उसी प्रकार से ही विद्या ही छोटे 
मनुष्य को राजा से मिलाती है और उससे ही उसका 
भाग्योदय होता है।

राजस्थानी अर्थाव 

जियां पहाड़ां सूं नीचे कांनी बहवंती नदी आपरे 
सागे तिणकला अर दूजा छोटा पदार्थां ने समुद्र सूं 
मिला देवे। बियां ही विद्या ही छोटा  आदमी ने राजा
 सूं मिला देवै अर इण सूं ही उण छोटा आदमी री
 किस्मत जाग जावै अर उण सूं ही उण रौ भाग जाग जावै।

Tuesday, 26 November 2019

राजस्थानी लोक साहित री सौरम

राजस्थानी लोक साहित री सौरम
 
लोक साहित में धन सूं घणी महिमा साहित 
अर जस री मानी। इण सारू दोहा- सोरठा अर 
केबतां लोक प्रचलित रही।
 
कोट डिगे, देवळ ढहे, वृख ईंधन व्है जाय।
जस रा आखर जै लिख्या, जातां जुगा न जाय।।           
अर्थात
दुनिया में बने किले और गढ़ ढह जाते हैं, 
उनकी सुरक्षा के लिए बने विशाल परकोटे
 गिर जाते हैं। बड़े-बड़े मंदिर भी समय
 बीत जाने पर धराशायी हो जाते हैं,
 पेड़ पौधे भी समय के साथ इंधन बनकर
 नष्ट हो जाते हैं लेकिन यश और प्रसिद्धी के
 लिखे गए अक्षर युगों युगों तक नहीं मिटते
 हैं वे अमर रहते हैं। इसी के अनुरूप एक
 स्थान पर लिखा गया है।
 
नाम रहंदा ठाकरां, नाणा नही रहंत ।
कीरत हंदा कोटड़ा, पाड्या नहीं पड़ंत ।।
अर्थात
दुनिया में व्यक्ति का नाम अमर रहता है।
 धन संपत्ति रुपए पैसे स्थाई नही 
कर्म से कमाया हुई कीर्ति के रूप में नाम 
अमर रहता है।यश कीर्ति के भवन गिराने 
से भी नही गिरते हैं।